फ़ास्ट न्यूज़ इंडिया यूपी कासगंज l जनपद के अमांपुर कस्बे में शनिवार को एक हृदयविदारक घटना ने पूरे इलाके को स्तब्ध कर दिया। एटा रोड स्थित एक किराये के मकान में एक ही परिवार के पांच सदस्यों के शव संदिग्ध परिस्थितियों में बरामद हुए। मृतकों में माता-पिता और उनके तीन मासूम बच्चे शामिल हैं। प्रारंभिक जांच में आर्थिक तंगी के चलते सामूहिक आत्महत्या की आशंका जताई जा रही है। मृतकों की पहचान सत्यवीर सिंह (45) वर्ष, उनकी पत्नी रामश्री ( 40 ) वर्ष, बेटी प्राची (14) वर्ष, आकांक्षा (13) वर्ष और बेटे गिरीश (10) वर्ष के रूप में हुई है। सत्यवीर अमांपुर में 'फौजी वेल्डिंग मिस्त्री' के नाम से दुकान चलाते थे। शनिवार को जब एक ग्राहक दुकान बंद होने पर उनके घर पहुंचा, तब खिड़की से अंदर का दृश्य देखकर उसके होश उड़ गए। घर के अंदर सत्यवीर फंदे से लटके थे, जबकि पत्नी और बच्चों के शव बिस्तर पर पड़े थे।सूचना मिलते ही पुलिस अधीक्षक और डीआईजी प्रभाकर चौधरी भारी पुलिस बल और फॉरेंसिक टीम के साथ मौके पर पहुंचे। जांच के दौरान चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं l प्राथमिक जांच के अनुसार, सत्यवीर ने पहले अपने तीनों बच्चों को जहरीला पदार्थ दिया, फिर पत्नी की हत्या की और अंत में खुद फांसी लगाकर जान दे दी l पड़ोसियों और परिजनों के अनुसार, सत्यवीर पिछले कुछ समय से गंभीर आर्थिक तंगी से जूझ रहे थे, जिसे इस आत्मघाती कदम का मुख्य कारण माना जा रहा है।रविवार सुबह पोस्टमॉर्टम के बाद जब पांचों शव उनके पैतृक गांव नगला भोजराज पहुंचे, तो पूरे गांव में चीख-पुकार मच गई। बच्चों के शवों को तालाब के समीप दफनाया गया, जबकि सत्यवीर और उनकी पत्नी का अंतिम संस्कार एक ही चिता पर किया गया। मृतक के भाई देशराज ने नम आंखों से चिता को मुखाग्नि दी। इस दौरान वहां मौजूद सैकड़ों ग्रामीणों की आंखें नम थीं।घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय सांसद देवेश शाक्य पीड़ित परिवार को सांत्वना देने गांव पहुंचे। उन्होंने परिजनों को ढांढस बंधाया और प्रशासन से हर संभव मदद दिलाने का आश्वासन दिया। रिपोर्ट संजय सिंह 151110069
