बिहार गया टेकारी जहां टिकारी प्रखंड के सोहर बीघा गांव में आज़ादी के 80 साल बाद भी बुनियादी सुविधाओं का घोर अभाव बना हुआ है। गांव तक पहुंचने के लिए मात्र एक कच्चा रास्ता है, जो बरसात के चार महीनों में पूरी तरह बाधित हो जाता है। ऐसे में ग्रामीणों को बीमार या जरूरतमंद लोगों को पीठ पर लादकर दूर स्थित रूपसपुर गांव तक ले जाना पड़ता है।
गांव में न तो शिक्षा की समुचित व्यवस्था है और न ही स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध हैं। लगातार उपेक्षा से परेशान ग्रामीणों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है। उल्लेखनीय है कि इस गांव में मुख्य रूप से यादव समुदाय के लोग निवास करते हैं।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए टिकारी के अंचल अधिकारी (सीओ) मौके पर पहुंचे। घंटों इंतजार और ग्रामीणों की शिकायतों के बाद उन्होंने जमीन विवाद मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए सोहर बीघा की जमीन पर वास्तविक जमीन मालिक को मालिकाना हक दिलाने की प्रक्रिया पूरी कराई।
इसी क्रम में सीओ निशुरपुर गांव भी पहुंचे, लेकिन अतिरिक्त पुलिस बल उपलब्ध नहीं होने के कारण वहां के मामले की सुनवाई अगले दिन तक के लिए टाल दी गई।
ग्रामीणों की मांग है कि प्रशासन जल्द से जल्द सड़क, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसी बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराए, ताकि उन्हें हर वर्ष बरसात के मौसम में जान जोखिम में डालकर आवाजाही न करनी पड़े। देखिए अजय कुमार सिंह की खास रिपोर्ट
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