फास्ट न्यूज इंडिया राजस्थान वजीरपुर उपखण्ड क्षेत्र मंडेरू धाम मंदिर के महात्मा रामदास जी महाराज नर्मदा परिक्रमा पूर्ण कर पुनः मडेरू धाम पधारे। उसके आगमन पर क्षेत्रवासियों ने अपार उत्साह का माहौल देखने को मिला। श्रद्धालुओं ने गाजे बाजे और भक्ति गीतों के साथ स्वागत किया। महात्मा रामदास जी महाराज को फूलमाला और साफा पहनाकर बग्गी में बैठकर श्री राधा मदन मोहन जी मंदिर निंबार्क आश्रम से होते हुए मुख्य बाजार छीपी मोहल्ला अकोदिया पट्टी बरक पट्टी माली मोहल्ला होते हुए शोभायात्रा निकाली। इस दौरान महिलाएं मंगल गीत गाते हुए और युवक भक्ति धुनों पर नाच करते हुए आगे बढ़े।पूरा मार्ग जयकारों से गूंज उठा। श्रद्धालुओं ने जगह जगह पुष्प वर्षा कर संत का अभिनन्दन किया। नर्मदा परिक्रमा मध्य प्रदेश और गुजरात में बहने वाली पवित्र नर्मदा नदी के चारों ओर जाने वाली आध्यात्मिक और वृताकार तीर्थयात्रा है। यह परिक्रमा अमरकंटक नर्मदा का उदगम स्थल से प्रारंभ होकर खभात की खाड़ी समुद्र संगम तक और पुनः अमरकंटक तक नंदी के दोनों तटों पर पूर्ण की जाती है। यह सम्पूर्ण नर्मदा यात्रा लगभग तीन हजार से 3500 किलोमीटर लंबी मानी जाती है। श्रद्धालु इस परिक्रमा को अत्यंत तप त्याग और आस्था का प्रतीक मानते हैं। रामदास जी महाराज ने अपने अनुयायी गोपाल सैनी प्रहलाद कुमार जयपुर सीताराम जयपुर के साथ पैदल 95 दिन में परिक्रमा पूर्ण की।मडेरू धाम पहुंचने पर मंदिर परिसर में पूजा अर्चना एवं आरती की गई। महात्मा रामदास जी ने नर्मदा परिक्रमा के अपने आध्यात्मिक अनुभव साझा करते हुए, श्रद्धालुओं को धर्म सेवा संयम और सदाचार का संदेश दिया। कहा कि ऐसी पवित्र यात्राएं मनुष्य के जीवन में सकारात्मक ऊर्जा और आत्मिक शांति का संचार करती है।
अखिल कुमार गुरदैनिया 151173909
