हरियाणा झज्जर । बेरी लघु सचिवालय में बने अधिवक्ताओं, टाइपिस्टों तथा अन्य लोगों के कियोस्क प्रशासन द्वारा हटाए जाने के परिप्रेक्ष्य में आज बेरी व झज्जर के अधिवक्ताओं, टाइपिस्टों तथा अन्य हितधारकों ने अपना कार्य स्थगित रख विरोध जताया। इसे झज्जर बार एसोसिएशन का पूर्ण समर्थन मिला और इसके साथ एकजुटता दिखाते हुए झज्जर जिला न्यायालय में भी अधिवक्ताओं ने कोई कार्य नहीं किया।
फ़ास्ट न्यूज इंडिया से बात करते हुए बेरी के अधिवक्ताओं की समिति का नेतृत्व कर रहे एडवोकेट राजेन्द्र सिंह कादयाण ने कहा कि प्रशासन द्वारा किओस्क हटाने का जो नोटिस दिया गया है, उसे वापस लिए जाने तक सभी वकील साथी मैदान में डटे रहेंगे। उन्होंने सुझाव दिया कि लोगों को इस स्थान से अन्यत्र स्थान पर शिफ्ट करके पार्किंग स्थल बनाने की जो योजना प्रशासन बता रहा है, वह पार्किंग यहाँ की बजाए क्यों ना वहीं बना ली जाए।
इस मुद्दे पर जब एसडीएम बेरी श्रीमती रेणुका नांदल से बात की गई तो उनका कहना था कि यह राजस्व विभाग की जमीन है जिस पर लोग अवैध तरीके से कब्ज़ा जमाए हुए हैं। उनका कहना था कि बेरी में न्यायालय परिसर बनने पर नियमानुसार अधिवक्ताओं को चैम्बर आवंटित किए जाने की व्यवस्था रहेगी।
इस मौके पर एडवोकेट राजेंद्र कादयान के अलावा झज्जर बार एसोसिएशन के पूर्व प्रधान एडवोकेट अजीत सोलंकी, एडवोकेट रामबीर कादयान,
एडवोकेट ऋषि अहलावत,
एडवोकेट जगशेर कादयान,
एडवोकेट भारत भूषण बेरी
एडवोकेट मनोज गौड़,
एडवोकेट राजेंदर सोलंकी,
एडवोकेट आशाराम कौशिक,
एडवोकेट नरेन्द्र गुलिया,
एडवोकेट अजय डागर,
एडवोकेट श्वेता सिंह,
एडवोकेट नवीन बंसल, एडवोकेट दिनेश कुमार, एडवोकेट सुदाम, एडवोकेट श्यामबीर, एडवोकेट गजेंद्र, एडवोकेट हरिओम, एडवोकेट गौरव चौहान व झज्जर बार के सभी पदाधिकारी मौजूद रहे। देखे बेरी से अमित कुमार की रिपोट
