गया के टेकारी में धान खरीद को लेकर किसानों का हंगामा, पैक्स और सरकार पर गंभीर आरोप
बिहार गया टेकारी में धान खरीद को लेकर किसानों में भारी नाराजगी देखी जा रही है। किसानों का आरोप है कि वे कड़ी मेहनत से फसल तैयार करते हैं, लेकिन सरकारी तंत्र के सामने उनकी एक नहीं चलती।
किसानों के आरोप क्या हैं?
स्थानीय किसानों का कहना है कि अधिकारियों द्वारा घर-घर जाकर धान का रजिस्ट्रेशन कराया जाता है और पूरा धान पैक्स अध्यक्ष को देने के लिए कहा जाता है। लेकिन आरोप है कि:
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107 किलो धान देने पर रजिस्टर में मात्र 100 किलो ही दर्ज किया जाता है।
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व्यापार मंडल के साथ कथित मिलीभगत की बात भी सामने आ रही है।
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धान की गुणवत्ता जांच के दौरान 150 ग्राम सैंपल मशीन में डालकर चेक किया जाता है और 62 प्रतिशत गुणवत्ता के आधार पर ही भुगतान किया जाता है।
किसानों का कहना है कि यदि उचित मूल्य और पारदर्शिता नहीं मिलेगी तो वे पैक्स को धान क्यों दें?
मंडल अध्यक्ष का सरकार पर आरोप
इस मामले में व्यापार मंडल अध्यक्ष महेश प्रसाद ने मीडिया से बातचीत में सरकार पर लगभग 8 लाख रुपये का भुगतान लंबित रखने का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि भुगतान नहीं होने के कारण व्यवस्था प्रभावित हो रही है।
पैक्स अध्यक्ष का पक्ष
वहीं पैक्स अध्यक्ष योगेन्द्र यादव ने भी सरकार को जिम्मेदार ठहराया है और कहा है कि भुगतान एवं खरीद व्यवस्था में हो रही समस्याओं के लिए प्रशासनिक स्तर की देरी कारण है। देखे टेकारी से अजय सिंह की रिपोट


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