फ़ास्ट न्यूज़ इंडिया यूपी कासगंज । जनपद कासगंज में 'जस्ट राइट फॉर चिल्ड्रन एलायंस' और 'काशी समाज शिक्षा विकास संस्थान' के संयुक्त तत्वावधान में 100 दिवसीय बाल विवाह मुक्त भारत अभियान पूरी सक्रियता से चल रहा है। इस अभियान के तहत जहाँ एक ओर कार्यशाला के माध्यम से जन-जागरूकता फैलाई जा रही है l वहीं दूसरी ओर प्रशासन बाल विवाह जैसी कुरीतियों पर कड़ा प्रहार भी कर रहा है।कासगंज विकास खंड सभागार में आयोजित कार्यशाला का शुभारंभ ए.डी.ओ. समाज कल्याण आकाश कुमार ने मां सरस्वती के सम्मुख दीप प्रज्ज्वलित कर किया। कार्यक्रम में बाल विवाह से पीड़ित महिलाओं (सरवाइवर्स) ने अपनी आपबीती साझा की। सीडीपीओ मालती देवी ने बाल विवाह के शारीरिक व मानसिक दुष्परिणामों पर प्रकाश डाला l वहीं संरक्षण अधिकारी लल्तेश चौहान ने 'कन्या सुमंगला योजना' और महिलाओं के लिए कानूनी सहायता की विस्तृत जानकारी दी।एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट प्रभारी बृजपाल सिंह ने स्पष्ट किया कि बाल विवाह करना, करवाना या उसमें शामिल होना अपराध है। उन्होंने बताया कि इसमें एक लाख रुपये का जुर्माना और दो साल की सजा का प्रावधान है।वहीं अभियान की सफलता का एक बड़ा उदाहरण विकास खंड सिढ़पुरा के ग्राम मंगतपुर में देखने को मिला। 'जस्ट राइट फॉर चिल्ड्रन' के टोल-फ्री नंबर (18001027222) पर मिली एक गुप्त सूचना के आधार पर प्रशासन ने त्वरित कार्यवाही की।सूचना मिली थी कि मंगतपुर में एक 16 वर्षीय नाबालिग लड़की का विवाह किया जा रहा है। संस्था सचिव मीना सिंह के समन्वय और ए.एच.टी.यू. प्रभारी बृजपाल सिंह व चाइल्ड हेल्पलाइन प्रभारी सौरव यादव के नेतृत्व में टीम तत्काल मौके पर पहुंची। पुलिस और प्रशासनिक टीम ने परिवार को 'बाल विवाह निषेध अधिनियम 2006' की जानकारी दी और कानूनी कार्यवाही की चेतावनी देते हुए विवाह को रुकवाया।मीना सिंह, संस्था सचिव ने कहा कि हमारा लक्ष्य जनपद को बाल विवाह मुक्त बनाना है। 'बाल विवाह मुक्ति रथ' लगातार गांवों में जाकर लोगों को जागरूक कर रहा है। यदि कहीं भी ऐसा मामला दिखे, तो तुरंत 1098 या टोल फ्री नंबर पर सूचित करें। कार्यक्रम के अंत में उपस्थित अधिकारियों और महिलाओं को बाल विवाह न करने और न होने देने की शपथ दिलाई गई। इस दौरान चाइल्ड हेल्पलाइन टीम और संस्था के समस्त कार्यकर्ता उपस्थित रहे। रिपोर्ट संजय सिंह 151110069
