रोहनिया थाना क्षेत्र के बैरवन मोहन सराय का मामला, पुलिस को करना पड़ा हस्तक्षेप
वाराणसी । रोहनिया थाना क्षेत्र के ग्राम बैरवन, मोहन सराय में वैध रूप से खरीदी गई भूमि पर बाउंड्री कराए जाने के दौरान विवाद और हंगामे का मामला सामने आया है। पीड़ित पक्ष ने आरोप लगाया है कि भूमि विक्रेताओं के परिवार की महिलाओं ने मौके पर पहुँचकर न केवल हंगामा किया, बल्कि झूठे मुकदमे में फँसाने की धमकी भी दी।
पीड़ित आयुष जायसवाल, यश जायसवाल एवं शशिकला जायसवाल के अनुसार उन्होंने उक्त भूमि चार बिस्सा, दो आराजी को सन 1994 एवं 1997 में शिवपूजन, विकास, राजेश एवं रमेश पुत्रगण कुलबुल से विधिवत रजिस्टर्ड बैनामा के माध्यम से खरीदा था। भूमि का दाखिल-खारिज 03 दिसंबर 2025 एवं 30 दिसंबर 2025 को पूरा हो चुका है।
पीड़ितों का कहना है कि सभी कागजात थाना रोहनिया एवं उप जिलाधिकारी (SDM) के समक्ष प्रस्तुत किए गए थे, जहाँ जाँच के बाद दस्तावेजों को पूरी तरह वैध और सही पाया गया।
बताया गया कि जब पीड़ित पक्ष अपनी भूमि की बाउंड्री (घेराबंदी) करा रहा था, उसी दौरान विक्रेताओं के परिवार की महिलाएं—प्रतिभा देवी (पत्नी शिवपूजन), पूनम और सरोज—अचानक मौके पर पहुँचीं और शोर-शराबा शुरू कर दिया। महिलाओं ने कथित तौर पर पीड़ितों को झूठे मामलों में फँसाने की धमकी दी, जिससे मौके पर तनाव की स्थिति बन गई।
मामले की गंभीरता को देखते हुए चौकी इंचार्ज द्वारा महिला पुलिस को बुलाया गया, जिसके बाद महिलाओं को चौकी ले जाया गया और समझाइश के बाद छोड़ दिया गया। हालांकि पीड़ितों ने आशंका जताई है कि उक्त महिलाएं भविष्य में भी किसी भी समय झूठा आरोप लगाकर उन्हें कानूनी रूप से फँसा सकती हैं, जिससे उनकी सुरक्षा और प्रतिष्ठा को खतरा बना हुआ है।
पीड़ित पक्ष ने प्रशासन से मांग की है कि अवैध हस्तक्षेप करने वालों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की जाए, उनकी भूमि पर किसी प्रकार का अतिक्रमण न होने दिया जाए और उन्हें तथा उनके परिवार को सुरक्षा प्रदान की जाए, ताकि भविष्य में कोई अप्रिय घटना न हो।
गौरतलब है कि इससे पहले भी उक्त महिलाओं के विरुद्ध धोखाधड़ी से संबंधित गंभीर धाराओं 419 व 420 के तहत मुकदमा दर्ज हो चुका है, इसके बावजूद उनके द्वारा इस प्रकार की गतिविधियाँ की जा रही हैं ।। रविन्द्र गुप्ता
