नेहरू पार्क से स्ट्रीट लाइट तक सवालों का पहाड़ — TAC जांच में खुलीं गंभीर खामियां
पीलीभीत नगर पालिका परिषद में विकास कार्यों में करोड़ों रुपये के कथित भ्रष्टाचार की जांच शुरू होते ही प्रशासनिक हलकों में हड़कंप मच गया है। तकनीकी सलाहकार समिति (TAC) की टीम द्वारा की जा रही प्रारंभिक जांच में कई गंभीर अनियमितताओं के संकेत मिले हैं, जिससे पालिका प्रशासन और संबंधित ठेकेदारों पर सवाल खड़े हो गए हैं।
सबसे चौंकाने वाला खुलासा यह सामने आया है कि नगर पालिका ने उन फर्मों से भी करोड़ों रुपये के कार्य कराए, जो पहले से ब्लैकलिस्ट (काली सूची) में दर्ज बताई जा रही थीं। आरोप है कि विकास कार्यों की आड़ में सरकारी धन के दुरुपयोग की आशंका है। इस पूरे मामले में नगर पालिका चेयरमैन और संबंधित ठेकेदार सीधे निशाने पर हैं। TAC टीम निर्माण कार्यों के नमूनों और फाइलों की बारीकी से जांच कर रही है।
जांच टीम ने सबसे पहले नेहरू पार्क का निरीक्षण किया, जिसके पुनरुद्धार और सौंदर्यीकरण के लिए करीब 1.92 करोड़ रुपये का बजट आवंटित हुआ था। आरोप है कि निर्माण में मानक विहीन सामग्री का इस्तेमाल किया गया। निरीक्षण के दौरान तकनीकी खामियां सामने आईं, जिससे यह सवाल उठ रहा है कि सौंदर्यीकरण के नाम पर कागजी और दिखावटी कार्यों में बजट खर्च किया गया।
मामला सिर्फ नेहरू पार्क तक सीमित नहीं है। शहर में लगभग 9 करोड़ रुपये के नाला निर्माण और 3 करोड़ रुपये की स्ट्रीट लाइट परियोजना पर भी गंभीर सवाल उठाए गए हैं। आरोप है कि शहर को रोशन करने के लिए भारी बजट खर्च होने के बावजूद कई इलाके आज भी अंधेरे में हैं। अधिकांश स्ट्रीट लाइटें लगाने के कुछ समय बाद ही खराब हो गईं, जो गुणवत्ता पर प्रश्नचिह्न लगाती हैं।
TAC की शुरुआती जांच में सामने आए इन खुलासों से पालिका प्रशासन में हलचल है। अधिकारियों का कहना है कि जांच रिपोर्ट के आधार पर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। फिलहाल टीम सभी संबंधित दस्तावेजों और निर्माण कार्यों की गहन जांच में जुटी है। रिपोर्ट जियाउल हक खान 151173981

