वाराणसी । उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी ओबीसी विभाग के प्रदेश उपाध्यक्ष एवं एडवाइजरी काउंसिल के सदस्य अशोक कुमार विश्वकर्मा ने बताया है कि पार्टी ने संगठनात्मक स्तर पर महत्वपूर्ण फैसला किया है. देश के सभी राज्यों की प्रदेश चुनाव समितियों में आदिवासी, ओबीसी, अनुसूचित जाति (एससी), अनुसूचित जनजाति और अल्पसंख्यक विभागों के प्रदेश अध्यक्षों को विशेष आमंत्रित सदस्य के रूप में शामिल किया जाएगा। अब तक इन विभागों से चुनावी मुद्दों पर अलग-अलग फीडबैक लिया जाता था, लेकिन वे औपचारिक रूप से चुनाव समिति का हिस्सा नहीं होते थे। यह फैसला कांग्रेस अध्यक्ष की मंजूरी के बाद लिया गया है। उन्होंने बताया कि कांग्रेस की परंपरा सामाजिक न्याय, समावेशी प्रतिनिधित्व और सहभागितापूर्ण फैसले की रही है। पार्टी द्वारा लिए गए इस निर्णय से सामूहिक फैसले की प्रक्रिया को बल मिलेगा। उन्होंने कहा पार्टी का मानना है कि आदिवासी, दलित, पिछड़े और अल्पसंख्यक समुदायों से जुड़े मुद्दों, उनकी सामाजिक परिस्थितियों और जमीनी अनुभवों को चुनावी फैसलों में शामिल करने से इसका व्यापक और प्रभावी असर होगा। इससे न सिर्फ सामाजिक समावेशन मजबूत होगा, बल्कि सामूहिक निर्णय की प्रक्रिया भी मजबूत होगी। उन्होंने पार्टी के इस कदम को समावेशी राजनीति और सामाजिक प्रतिनिधित्व की दिशा में ऐतिहासिक निर्णय बताया ।। रविन्द्र गुप्ता
