फास्ट न्यूज इंडिया यूपी प्रतापगढ़। प्रतापगढ़ सर्वोदय सद्भावना संस्थान द्वारा धर्म सम्राट परम पूज्य स्वामी करपात्री जी का 44 वीं पुण्यतिथि संत दिवस के रूप में विगत वर्षों की भांति दो संगम लाल त्रिपाठी भंवर की अध्यक्षता में रामानुज आश्रम में संत दिवस के रूप में मनायी गयी। मुख्य अतिथि तथा उपस्थित जनों ने सर्वप्रथम गौ पूजन करके स्वामी जी के चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलित कर माल्यार्पण करने के पश्चात कहा कि धर्म सम्राट स्वामी करपात्री जी इस प्रतापगढ़ की पावन धरती पर जन्म लेकर इस धरा को पवित्र किया। परम पूज्य स्वामी जी प्रतापगढ़ के गौरव थे। दशनामी परंपरा के सन्यासी थे। दीक्षा के उपरांत आपका नाम हरिहरानंद सरस्वती पड़ा, किंतु हाथ की अंजुलि के बीच में जितना प्रसाद आता था उतना ही पाते थे। इसलिए आपका नाम करपात्री पड़ा। धर्म शास्त्रों में आपकी अति एवं अतुलनीय विद्वता को देखते हुए धर्म सम्राट की उपाधि प्रदान की गई । धर्माचार्य आप एक परम तपस्वी महामानव महान साधक विचारक विशिष्ट धर्मवीर आख्या का और सनातन धर्म के प्रचारक थे।पूरी दुनिया में आज धर्म की जय हो अधर्म का नाश हो प्राणियों में सद्भावना हो विश्व का कल्याण हो भारत अखंड हो गौ हत्या बंद हो का उद्घोष देकर सनातन धर्म को उपकृत किया। रामसेवक त्रिपाठी एडवोकेट लोकतंत्र रक्षक सेनानी ने कहा स्वामी जी इस देश की आजादी के लिए जेल गए गौ हत्या के विरोध में 1946 तथा 1947 में अपना जीवन जेलों में बिताया और देश की आजादी के लिए 7 नवंबर 1966 को गोपाष्टमी के दिन दिल्ली में गौ हत्या को रोकने के कानून को बनाने के लिए संतों के साथ प्रदर्शन किया। जहां संतो के ऊपर लाठियां बरसाई गई मेरठ जेल में कैदियों द्वारा स्वामी जी को पिटवाया गया जिससे उनके एक आंख की रोशनी चली गई। स्वामी जी ने इंदिरा गांधी को श्राप दिया। जिस श्राप के कारण आज कांग्रेस रसातल की ओर जा रही है और गोपाष्टमी के दिन ही इंदिरा गांधी तथा उनके बेटे राजीव की हत्या हुई। धर्माचार्य ओमप्रकाश पांडे अनिरुद्ध रामानुज दास ने कहा कि आपने अनेक ग्रंथों की रचना किया जिसमें से मुख्य रूप से रामायण मीमांसा, रामराज्य और मार्क्सवाद, वेदार्थ पारिजात ,विचार पीयूष , अहमर्थ ,पूंजी वाद और समाजवाद आदि अद्भुत ग्रंथ हैं। आपने कहा धर्म नीति का पति है और धर्म के बिना राजनीति विधवा के समान है। रामराज्य की कल्पना करते हुए आपने कहा कि "नहिं दरिद्र कोउ दुःखी न दीना" जहां पर कोई गरीब ना हो कोई दुःखी ना हो हमें ऐसा रामराज्य चाहिए। इसलिए धर्म सापेक्ष राजनीति होनी चाहिए। सर्वसम्मति से धर्म सम्राट स्वामी करपात्री जी को भारत के सर्वोच्च सम्मान भारत रत्न प्रदान करने एवं परमाराध्य परमधर्माधीश उत्तरामनाय ज्योतिष पीठाधीश्वर जगदगुरु शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती 1008 की मांग का समर्थन करते हुए गौ माता को राष्ट्रमाता घोषित करने की मांग की गई। कार्यक्रम में मुख्य रूप से रामसेवक त्रिपाठी एडवोकेट लोकतंत्र रक्षक सेनानी डॉक्टर संगम लाल त्रिपाठी भंवर डॉ श्याम शंकर शुक्ल श्याम सुरेश पांडे संभव ज्योतिषाचार्य आलोक ऋषि वंश सुधीर रंजन द्विवेदी सुनील शर्मा प्रेम कुमार त्रिपाठी एडवोकेट प्रेम नागेंद्र प्रसाद मिश्र गिरीश दत्त मिश्रा अर्पित शुक्ला सर्वेश पंडित शीतला सुजान कमलेश तिवारी आचार्य डॉक्टर शाहिदा कल्पना तिवारी "दिव्या" कनक तिवारी "स्वरागिनी" अशोक कुमार शर्मा प्रधानाचार्य गंगा प्रसाद पांडे अध्यक्ष वित्तविहीन शिक्षक संघ देवेंद्र प्रकाश ओझा एडवोकेट गिरीश चंद्र मिश्रा रामचंद्र जायसवाल अंबुज सिंह उमाशंकर मिश्रा कैप्टन सुनील शर्मा को धर्माचार्य द्वारा अंगवस्त्रम प्रदान करके सम्मानित किया गया। वक्ताओं ने अपने श्रद्धा सुमन अर्पित करते हुए आपको एक महामानव बताया। रिपोर्ट विशाल रावत 151019049
