नशीला पदार्थ, गला घोंटकर हत्या और लूट… 2016 के चर्चित हत्याकांड का सनसनीखेज खुलासा
पीलीभीत ।
उत्तर प्रदेश पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने एक दशक से फरार चल रहे दो शातिर अपराधियों को गिरफ्तार कर बड़ी सफलता हासिल की है। पकड़े गए आरोपी सगे भाई हसीब और नसीब हैं, जो वर्ष 2016 के चर्चित हत्याकांड और लूट की वारदात के बाद से पुलिस की आंखों में धूल झोंककर फरार चल रहे थे।
जानकारी के मुताबिक, ठगी के बाद दोनों भाई वाराणसी चले गए थे। वर्ष 2016 में हसीब और नसीब ने अपने भाई वसील के साथ मिलकर वाराणसी से लखनऊ जाने के लिए एक टैक्सी बुक की। रास्ते में उन्होंने चालक को नशीला पदार्थ सुंघाकर बेहोश कर दिया और फिर अंगोछे से गला घोंटकर उसकी निर्मम हत्या कर दी। हत्या के बाद शव को अयोध्या के बीकापुर क्षेत्र में सड़क किनारे फेंक दिया गया और टैक्सी लूटकर मध्य प्रदेश के इंदौर फरार हो गए।
इस सनसनीखेज वारदात के बाद से दोनों आरोपी लगातार पहचान बदलकर पुलिस से बचते रहे। अयोध्या पुलिस ने दोनों पर एक-एक लाख रुपये का इनाम घोषित किया था, जबकि पीलीभीत पुलिस ने भी 25-25 हजार रुपये का इनाम रखा था।
एसटीएफ नोएडा फील्ड यूनिट को सूचना मिली थी कि 2016 के हत्याकांड और लूट के आरोपी इंदौर में छिपे हुए हैं। जांच में पता चला कि दोनों भाई फर्जी पहचान के तहत ‘समीर खान’ और ‘रेहान खान’ के नाम से नकली आधार कार्ड और पैन कार्ड बनवाकर रह रहे थे।
एसटीएफ निरीक्षक सचिन कुमार और उपनिरीक्षक सनत कुमार के नेतृत्व में टीम ने सटीक दबिश देकर दोनों को गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों के पास से कूटरचित दस्तावेज और मोबाइल फोन भी बरामद किए गए हैं।
पूछताछ में आरोपियों ने कई अपराध कबूल किए। नसीब ने बताया कि वर्ष 2014 में उन्होंने पीलीभीत में ‘खुशहाल रियल ट्रेडर्स’ नाम से एक फर्जी कंपनी बनाई थी। इसके जरिए लोगों को पैसा दोगुना करने का लालच देकर करोड़ों रुपये की ठगी की और फरार हो गए। इस मामले में पीलीभीत के सेहरामऊ उत्तरी थाना में धोखाधड़ी का मुकदमा पहले से दर्ज है।
एसटीएफ ने दोनों आरोपियों को अयोध्या के बीकापुर थाना में दाखिल कर दिया है, जहां से उन्हें जेल भेजने की कार्रवाई की जा रही है।
10 साल से पुलिस को चकमा दे रहे इन शातिर अपराधियों की गिरफ्तारी को यूपी पुलिस की बड़ी कामयाबी माना जा रहा है। रिपोर्ट जियाउल हक खान 151173981

