इटावा के प्राचीन व प्रसिद्ध नीलकंठ महादेव मंदिर में महाशिवरात्रि के अवसर पर निकलने वाली पालकी यात्रा श्रद्धा और भक्ति का अद्भुत संगम होती है। इस दिन भगवान शिव की सुसज्जित पालकी मंदिर परिसर से नगर भ्रमण के लिए निकाली जाती है, जिसमें हजारों श्रद्धालु “हर-हर महादेव” के जयघोष के साथ शामिल होते हैं।
पालकी को फूलों, दीपों और भस्म से भव्य रूप से सजाया जाता है। यात्रा के दौरान ढोल-नगाड़े, शंखनाद और भजन-कीर्तन से पूरा वातावरण शिवमय हो जाता है। रास्ते में श्रद्धालु पालकी का पूजन करते हैं, जल, दूध और बेलपत्र अर्पित करते हैं तथा प्रसाद वितरण किया जाता है। नगर के प्रमुख मार्गों से होती हुई यह यात्रा पुनः मंदिर में आकर सम्पन्न होती है।
मान्यता है कि शिवरात्रि पर पालकी यात्रा में सम्मिलित होने से भगवान शिव की विशेष कृपा प्राप्त होती है और भक्तों की मनोकामनाएँ पूर्ण होती हैं। यह यात्रा न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक है, बल्कि इटावा की सांस्कृतिक परंपरा और सामाजिक एकता को भी दर्शाती है। देखे इटावा से शिवा की खास रिपोट

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