फास्ट न्यूज़ इंडिया उत्तराखंड रुद्रपुर/किच्छा: सियासत के मैदान में बड़े-बड़े दिग्गजों को धूल चटाने वाले किच्छा विधायक तिलक राज बेहड़ आज एक पिता के रूप में अपनों से ही हार गए। जिस बेटे पर हमले के बाद पूरी कांग्रेस और समर्थक सड़क पर उतर आए थे, जब उसकी साजिश की परतें खुलीं तो खुद बेहड़ ने मीडिया के सामने आकर न केवल सच स्वीकार किया, बल्कि भरे गले से जनता से माफी भी मांगी।
साजिश का सनसनीखेज खुलासा: खुद ही बन गया अपना दुश्मन
प्रेस कॉन्फ्रेंस में बेहद बेबस नजर आए तिलक राज बेहड़ ने बिना किसी लाग-लपेट के स्वीकार किया कि उनके पार्षद बेटे सौरभ राज बेहड़ पर हुआ हमला कोई राजनीतिक साजिश नहीं, बल्कि खुद सौरभ का रचा हुआ 'स्वांग' था। पुलिस जांच में सामने आया कि सौरभ ने अपने दोस्त इंदर के साथ मिलकर खुद पर हमला करवाया था। इस खुलासे ने न केवल पुलिस महकमे को चौंका दिया, बल्कि विधायक की छवि को भी दांव पर लगा दिया।
बेबस पिता की दो टूक: "दोषी को मिले सजा, अब मेरा कोई रिश्ता नहीं"
अक्सर नेताओं को अपने परिजनों के बचाव में पुलिस से भिड़ते देखा जाता है, लेकिन बेहड़ ने एक नई मिसाल पेश की। उन्होंने पुलिस के खुलासे पर रत्ती भर भी संदेह नहीं जताया। रुंधे हुए गले से विधायक ने कहा: "मेरा अपना ही सिक्का खोटा निकला। बेटे ने समाज के सामने मेरी इज्जत तार-तार कर दी है। आज से मेरा सौरभ के साथ कोई संबंध नहीं है। उसे उसके कर्मों की सजा मिलनी चाहिए।"
पत्नी से विवाद बना साजिश की वजह
विधायक ने साफगोई से बताया कि सौरभ का अपनी पत्नी के साथ विवाद चल रहा था। इसी घरेलू कलह और दबाव के चलते उसने खुद पर हमले की झूठी कहानी रची। बेहड़ ने मुख्यमंत्री, पुलिस प्रशासन और उन हजारों समर्थकों का आभार जताया जो उनके एक बुलावे पर एकजुट हो गए थे, साथ ही उन्हें हुई असुविधा के लिए हाथ जोड़कर क्षमा मांगी।
संपादकीय टिप्पणी: नेता जीत गया, पिता हार गया
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि एक विधायक के तौर पर तिलक राज बेहड़ ने सत्य को स्वीकार कर अपनी नैतिक जीत दर्ज की है। जो काम उनके विरोधी सालों में नहीं कर पाए, वो उनके बेटे ने चंद घंटों में कर दिया। आज रुद्रपुर की इस प्रेस वार्ता में एक कद्दावर नेता की स्पष्टवादिता तो दिखी, लेकिन एक पिता की हार साफ तौर पर उनके आंसुओं में झलक रही थी। शाहनूर अली 151045804
