फास्ट न्यूज इंडिया पीलीभीत
प्रतिबंधित वन्यजीवों का अवैध पालन पड़ा भारी, वन्यजीव संरक्षण अधिनियम में आरोपी गिरफ्तार
पीलीभीत में वन्यजीव संरक्षण को लेकर वन विभाग ने सख्त कार्रवाई करते हुए पूरनपुर कस्बे के मोहल्ला कायस्थान में एक घर पर छापेमारी कर दो दुर्लभ प्रजाति के कछुओं को बरामद किया है। इस मामले में आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है।
डीएफओ भरत कुमार डीके ने बताया कि सोमवार को वन विभाग को मुखबिर के माध्यम से सूचना मिली थी कि पूरनपुर निवासी रवि गुप्ता पुत्र नंद किशोर गुप्ता अपने घर में प्रतिबंधित प्रजाति के कछुओं को अवैध रूप से पाल रहा है। सूचना को गंभीरता से लेते हुए पूरनपुर के क्षेत्रीय वन अधिकारी सोवरन लाल के नेतृत्व में वन विभाग की संयुक्त टीम का गठन किया गया।
टीम ने आरोपी के घर पर छापेमारी की, जहां तलाशी के दौरान घर के भीतर रखे एक एक्वेरियम से दो जीवित कछुए बरामद किए गए। बरामद कछुए दुर्लभ और संरक्षित श्रेणी में आते हैं, जिन्हें वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 की अनुसूची-1 में शामिल किया गया है। इस अनुसूची में शामिल जीवों का संरक्षण, व्यापार या पालन पूरी तरह से प्रतिबंधित है और इसके उल्लंघन पर कठोर दंड का प्रावधान है।
वन विभाग द्वारा कछुओं से संबंधित वैध दस्तावेज मांगे जाने पर आरोपी कोई संतोषजनक प्रमाण प्रस्तुत नहीं कर सका। जांच में पुष्टि होने के बाद आरोपी के खिलाफ रेंज केस दर्ज कर उसे गिरफ्तार किया गया। इसके बाद आरोपी को सीजेएम कोर्ट, पीलीभीत में पेश किया गया, जहां मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने मामले की गंभीरता को देखते हुए आरोपी को न्यायिक हिरासत में लेकर जिला कारागार पीलीभीत भेजने के आदेश दिए।
इस संबंध में क्षेत्रीय वन अधिकारी सोवरन लाल ने बताया कि दुर्लभ और संरक्षित वन्यजीवों का अवैध पालन या व्यापार गंभीर अपराध है, जिसमें भारी जुर्माने के साथ जेल की सजा का भी प्रावधान है। उन्होंने आम जनता से अपील की कि यदि कहीं भी प्रतिबंधित वन्यजीवों के अवैध संरक्षण या व्यापार की जानकारी मिले तो तुरंत वन विभाग को सूचित करें, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके।
वन विभाग की इस कार्रवाई से वन्यजीव संरक्षण कानूनों के उल्लंघन करने वालों में हड़कंप मचा हुआ है।#रिपोर्ट जियाउल हक़ खान- 151173981
