भरतपुर। समाज सेवा की मशाल थामे और 'रक्तदान महादान' के संकल्प को आत्मसात करने वाले वरिष्ठ समाजसेवी व पत्रकार कुंवर भीम सिंह राजपूत ने एक बार फिर मानवता की सेवा का संदेश दिया है। लंबे समय से सामाजिक कार्यों में अग्रणी भूमिका निभाने वाले कुंवर भीम सिंह न केवल स्वयं नियमित रक्तदान करते हैं, बल्कि आपात स्थिति में जरूरतमंदों के लिए रक्त की व्यवस्था कराने में भी सदैव तत्पर रहते हैं।
विरासत में सेवा: पिता के पदचिह्नों पर बेटा
कुंवर भीम सिंह का मानना है कि रक्तदान किसी मरते हुए व्यक्ति को जीवनदान देने के समान है। खास बात यह है कि सेवा का यह जज्बा उनकी अगली पीढ़ी में भी साफ नजर आता है। उनका बेटा भी इस पुनीत कार्य में पूरी तरह सहभागी है और नियमित रूप से रक्तदान कर युवाओं के लिए प्रेरणा स्रोत बना हुआ है।
कोरोना काल के 'कर्मवीर' और गरीबों के मददगार
सिर्फ रक्तदान ही नहीं, कुंवर भीम सिंह का सेवा पथ अत्यंत विस्तृत है:
कोरोना योद्धा: वैश्विक महामारी कोरोना के दौरान उन्होंने अपनी जान की परवाह किए बिना लोगों की सहायता की, जिसके लिए उन्हें शासन-प्रशासन , सामाजिक संगठनों एवं एन जी ओ द्वारा सम्मानित भी किया जा चुका है।
शिक्षा और सहायता: गरीब बच्चों की मदद के लिए वे हमेशा तैयार रहते हैं। बच्चों की पढ़ाई हो या अन्य जरूरतें, कुंवर भीम सिंह राजपूत एक अभिभावक की तरह खड़े नजर आते हैं।
प्रशासनिक कार्यों में सहयोग: समाज का कोई भी व्यक्ति यदि किसी समस्या या रुके हुए कार्य को लेकर उनके पास आता है, तो वे एक सजग नागरिक और पत्रकार के नाते उसे पूर्ण करवाने का हरसंभव प्रयास करते हैं। रक्तदान करने से किसी की जिंदगी बचाई जा सके, इससे बड़ा कोई पुण्य काम नहीं है। मैं जनता से यही अपील करता हूँ कि समय-समय पर रक्तदान अवश्य करें। आपका थोड़ा सा रक्त किसी परिवार का चिराग बुझने से बचा सकता है। — कुंवर भीम सिंह राजपूत
पत्रकारिता के साथ सामाजिक सरोकार
कई सामाजिक संगठनों से सक्रिय रूप से जुड़े कुंवर भीम सिंह राजपूत पत्रकारिता के माध्यम से भी समाज की आवाज उठाते आ रहे हैं। उनका मानना है कि कलम और कर्म जब साथ मिलते हैं, तभी समाज में वास्तविक सकारात्मक परिवर्तन आता है।
भरतपुर के विभिन्न संगठनों और गणमान्य नागरिकों ने उनके इन निस्वार्थ प्रयासों की सराहना की है और उन्हें समाज के लिए एक प्रेरणा पुंज बताया है। आकाश शर्मा रुदावल 151186544
