फास्ट न्यूज इंडिया पीलीभीत
जातीय आतंक का आरोप लगाते हुए भीम आर्मी ने सौंपा ज्ञापन, पीड़ित परिवार की सुरक्षा व न्याय की मांग
मेरठ जनपद के सरधना थाना क्षेत्र अंतर्गत कपसाड़ गांव में दलित महिला सुनीता की नृशंस हत्या का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। इस जघन्य घटना को लेकर भीम आर्मी ने इसे ‘जातीय आतंक’ करार देते हुए प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है सोमवार को भीम आर्मी के जिला अध्यक्ष सौरभ भारतीय के नेतृत्व में बड़ी संख्या में कार्यकर्ता कलेक्ट्रेट परिसर पहुंचे और जोरदार विरोध प्रदर्शन किया।
प्रदर्शनकारियों ने मेरठ प्रशासन और प्रदेश सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए आरोप लगाया कि प्रदेश में अनुसूचित जाति एवं जनजाति समुदाय के खिलाफ संगठित जातीय हिंसा बढ़ रही है, जिससे समाज में भय और असुरक्षा का माहौल बन गया है। उनका कहना था कि सुनीता की हत्या केवल एक व्यक्ति की हत्या नहीं, बल्कि पूरे समुदाय को डराने की साजिश है।
प्रदर्शन के बाद भीम आर्मी के प्रतिनिधिमंडल ने राष्ट्रपति को संबोधित चार सूत्रीय ज्ञापन एडीएम न्यायिक रोशनी यादव को सौंपा। ज्ञापन में कपसाड़ गांव की घटना को नृशंस बताते हुए पीड़ित परिवार को तत्काल सुरक्षा प्रदान करने की मांग की गई। इसमें पीड़ित परिवार की जान को खतरे को देखते हुए तुरंत दो स्थायी सशस्त्र गनर उपलब्ध कराने की मांग शामिल है।
इसके साथ ही परिवार को किसी नजदीकी पुलिस चौकी या थाने के पास सरकारी आवास आवंटित किए जाने की मांग की गई, ताकि 24 घंटे सुरक्षा सुनिश्चित हो सके। आत्मरक्षा के लिए पात्र परिजनों को तत्काल शस्त्र लाइसेंस जारी करने की भी मांग उठाई गई।
ज्ञापन में यह भी कहा गया कि SC/ST (अत्याचार निवारण) अधिनियम के तहत मिलने वाली पेंशन, मुआवजा एवं अन्य सरकारी लाभ तय समय सीमा के भीतर पीड़ित परिवार तक पहुंचाए जाएं। भीम आर्मी के जिला अध्यक्ष सौरभ भारतीय ने चेतावनी दी कि यदि पीड़ित परिवार को संवैधानिक संरक्षण और न्याय नहीं मिला, तो संगठन बड़े स्तर पर आंदोलन करने को बाध्य होगा।
इस दौरान जिले के कई प्रमुख पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे। प्रदर्शन शांतिपूर्ण रहा। रिपोट - जियाउल हक़ खान 151173981

