जम्मू व कश्मीर जिला जम्मू भारतीय जीवन परंपरा सभी जीव-जंतुओं और प्रकृति में परमात्मा का अंश देखती है तथा अपने लिए नहीं, अपनों के लिए जीना सिखाती है। इसी चिंतन को हिंदुत्व कहा गया है। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ, राजपुरा मण्डल साम्बा जिले द्वारा 11 जनवरी (रविवार) को राम मंदिर राजपुरा में आयोजित हिंदू सम्मेलन को मुख्य अतिथि परम पूज्य संत श्री गंगाधर शास्त्री जी महाराज ने कहाँ सबको राममय होना पड़ेगा, रामराज्य के लिए भगवान श्रीराम जैसा पुत्र, भगवान राम माता जानकी जैसी पति, पत्नी, कौशल्या जैसी सास, लक्ष्मण भरत जैसा भाई तब रामराज्य की कल्पना साकार होगा। मुख्य वक्ता के रूप में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के विभाग प्रचारक अनुराग जी ने संबोधित किया। पूरा पंडाल भारत माता की जय और वंदे मातरम् के नारों से गूंज उठा। अपने उद्बोधन में उन्होंने कहा कि आज पूरे देश में 80,000 से अधिक हिंदू सम्मेलन हो रहे हैं, जो हिंदू समाज के जागरण का प्रमाण है। यही जागरण अयोध्या में भव्य राम मंदिर के निर्माण का कारण बना है। युवा वर्ग अब पश्चिमी प्रभाव से दूर होकर अपनी परंपराओं और त्योहारों से जुड़ रहा है। उन्होंने कहा कि हिंदुत्व किसी सीमा में बंधा शब्द नहीं, बल्कि जीवन जीने की शैली है, जिसे सर्वोच्च न्यायालय ने भी स्वीकार किया है। हिंदू समाज सर्वे भवंतु सुखिन:, वसुधैव कुटुंबकम तथा हर जीव में शिव के दर्शन की भावना रखता है। परिवारों के टूटने पर चिंता व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा कि परिवार मजबूत होगा तो समाज और राष्ट्र मजबूत होगा। हमारे पूर्वजों ने बलिदान देकर परंपराएँ बचाई हैं, और आज हमें पंच-परिवर्तन के माध्यम से उन्हीं मूल्यों को अपने आचरण में लाना होगा। उन्होंने कहां हम सौभाग्यशाली हैं जो अपने आँखों से भगवान श्री राम का महल बनते देखे अयोध्या जी मे हमसे बड़ा सौभाग्यशाली कोई नहीं है । उन्होंने कहा हम भाग्यशाली हैं जो भारत मे जन्म मिला और सौभाग्यशाली हैं जो हिन्दू परिवार में जन्म मिला। कार्यक्रम में हजारों की संख्या समाज था। जम्मू कश्मीर 151036774
