फास्ट न्यूज इंडिया पीलीभीत
रात में हाथियों की दस्तक से गांवों में दहशत, ग्रामीणों ने मोर्चा संभालकर खदेड़ा
पीलीभीत टाइगर रिजर्व (PTR) से सटे ग्रामीण इलाकों में हाथियों का झुंड बीते 11 दिनों से लगातार सक्रिय है, जिससे किसानों में दहशत का माहौल बना हुआ है। अपनी फसलों को बचाने के लिए ग्रामीणों को खुद मोर्चा संभालना पड़ा। हाथियों को भगाने के लिए किसानों ने ट्रैक्टरों की हेडलाइट जलाकर, मोटरसाइकिलों का शोर किया और पटाखे फोड़े। सैकड़ों ग्रामीण लाठी-डंडे लेकर हाथियों के पीछे दौड़े और ढोल-नगाड़े बजाकर शोर मचाया, जिसके बाद हाथियों का झुंड जंगल की ओर लौट गया।
स्थानीय किसानों के अनुसार, 1 जनवरी से ही वे अपनी फसलों की रखवाली के लिए रात-रात भर जागने को मजबूर हैं। कड़ाके की ठंड और घने कोहरे के बावजूद किसान अलाव जलाकर खेतों में डटे हुए हैं। किसानों का कहना है कि हाथियों का यह झुंड न केवल फसलों को भारी नुकसान पहुंचा रहा है, बल्कि रिहायशी इलाकों के करीब पहुंचने से जान का खतरा भी बढ़ गया है।
जानकारी के मुताबिक, नए साल के पहले दिन माला रेंज से निकले हाथियों ने मझुआ, सिरसा सरदाह और गोयल कॉलोनी सहित आधा दर्जन गांवों में गेहूं और गन्ने की खड़ी फसलों को रौंद दिया। रविवार को हाथियों का झुंड रेलवे लाइन पार कर रिहायशी इलाकों के करीब पहुंच गया, जिससे ग्रामीणों में अफरा-तफरी मच गई। झुंड मझुआ से सिरसा सरदाह गोतिया होते हुए दियूरी गांव तक पहुंच गया।
सूचना मिलने पर वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची। वन अधिकारियों ने बताया कि हाथियों की गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जा रही है और उन्हें सुरक्षित रूप से जंगल की ओर खदेड़ने का प्रयास किया जा रहा है। वहीं, ग्रामीणों ने वन विभाग से स्थायी समाधान और फसल नुकसान के मुआवजे की मांग की है। रिपोट - जियाउल हक़ खान 151173981
