मजराशीला गांव में कोहराम; बिजली विभाग की लापरवाही ने ली मासूम की जान की जोखिम, हालत गंभीर
फास्ट न्यूज़ इंडिया उत्तराखंड गदरपुर/मजराशीला। बिजली विभाग की घोर लापरवाही के कारण आज मजरा शीला गांव में एक बड़ा हादसा हो गया। छत पर खेल रहा राजमिस्त्री दानिश का 5 वर्षीय पुत्र मोनिश ऊपर से गुजर रही 11 हजार वोल्ट की हाईटेंशन लाइन की चपेट में आ गया। बच्चे को बचाने की कोशिश में उसकी बहन और पिता दानिश भी करंट से झुलस गए। आनन-फानन में मासूम को अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहाँ उसकी हालत बेहद नाजुक बनी हुई है।
जानकारी के मुताबिक, दानिश का पुत्र मोनिश अपनी बहन के साथ घर की छत पर खेल रहा था। छत के बिल्कुल करीब से गुजर रही 11 हजार की लाइन ने बच्चे को अपनी ओर खींच लिया। भाई को तड़पता देख बहन उसे बचाने दौड़ी, तो उसे भी करंट का झटका लगा। चीख-पुकार सुनकर पिता दानिश मौके पर पहुंचे और जान जोखिम में डालकर बच्चे को लाइन से छुड़ाया। इस संघर्ष में पिता भी घायल हो गए। परिजन तत्काल बच्चे को लेकर अस्पताल भागे, जहाँ डॉक्टरों ने उसकी स्थिति को गंभीर बताया है।
"पूर्व में दी गई थी लिखित चेतावनी" — ग्राम प्रधान तैयब अली
घटना को लेकर ग्राम प्रधान तैयब अली ने बिजली विभाग की कार्यप्रणाली पर कड़े सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने कहा:
"हमने इस जानलेवा लाइन को हटाने के लिए बिजली विभाग को पहले भी कई बार लिखित में आवेदन दिया है और आश्वासन भी माँगा था। विभाग को अवगत कराया गया था कि यह लाइन आबादी के बीच से गुजर रही है और कभी भी अनहोनी हो सकती है, लेकिन अधिकारियों ने इसे गंभीरता से नहीं लिया। विभाग की इसी सुस्ती का खामियाजा आज एक मासूम को भुगतना पड़ रहा है।"
"सोया हुआ है बिजली विभाग" — कांग्रेसी नेता शाकिर अली
वहीं, घटना की सूचना मिलते ही कांग्रेसी नेता शाकिर अली भी मौके पर पहुंचे और परिजनों का ढांढस बंधाया। उन्होंने विभाग को चेतावनी देते हुए कहा:
"बिजली विभाग के कानों पर जूं तक नहीं रेंग रही है। बार-बार शिकायतों के बावजूद इस खतरनाक लाइन को शिफ्ट न करना आपराधिक लापरवाही है। आज एक पूरा परिवार तबाह होने से बाल-बाल बचा है। अगर विभाग ने अब भी कोई ठोस कार्रवाई नहीं की, तो भविष्य में किसी बड़ी जनहानि की जिम्मेदारी प्रशासन की होगी। हम इस मुद्दे को लेकर दोबारा विभाग को घेरेंगे और न्याय की मांग करेंगे।"
ग्रामीणों में रोष:
गांव वालों का कहना है कि विभाग केवल बड़े हादसों का इंतजार करता है। यदि समय रहते लाइन को हटा लिया जाता या सुरक्षा कवच (गार्डिंग) लगाया जाता, तो आज यह मासूम अस्पताल में जिंदगी और मौत के बीच न लड़ रहा होता। ग्रामीणों ने मांग की है कि पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता दी जाए और तत्काल इस लाइन को बस्ती से बाहर किया जाए। शाहनूर अली 151045804


