फास्ट न्यूज़ इंडिया मध्य प्रदेश शिवपुरी ।पिछोर जिले के पिछोर विकासखंड में ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं की जिम्मेदारी संभाल रहे सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों (CHO) को पिछले लंबे समय से आर्थिक तंगी का सामना करना पड़ रहा है। मार्च 2024 से मार्च 2025 तक और उसके बाद अब तक की प्रोत्साहन आधारित प्रोत्साहन राशि (PBI) का भुगतान न होने से नाराज स्वास्थ्य अधिकारी आज जिला मुख्यालय पहुँचे और कलेक्टर की जनसुनवाई में आवेदन देकर अपनी समस्या रखी।
दो वर्षों से उलझा भुगतान का मामला
जनसुनवाई में पहुंचे CHO कर्मचारियों ने बताया कि उनकी प्रोत्साहन राशि पिछले दो वित्तीय वर्षों से लंबित है।
मार्च 2024 से मार्च 2025 तक का संपूर्ण कार्य ब्लॉक स्तर से सत्यापित किया जा चुका है, इसके बावजूद अब तक राशि खातों में नहीं पहुंची।
अप्रैल 2025 से दिसंबर 2025 तक की प्रोत्साहन राशि भी अभी तक अप्राप्त है।
कर्मचारियों का कहना है कि इस संबंध में वे पहले ही जिला मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी को ज्ञापन सौंप चुके हैं, लेकिन वहां से कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। मजबूर होकर उन्हें जनसुनवाई का सहारा लेना पड़ा।
आर्थिक और मानसिक तनाव से जूझ रहे स्वास्थ्य अधिकारी
CHO कर्मचारियों ने बताया कि प्रोत्साहन राशि उनके वेतन का एक अहम हिस्सा है, जो उनके कार्य प्रदर्शन के आधार पर दी जाती है। लगभग पौने दो साल से भुगतान न मिलने के कारण परिवार का खर्च चलाना मुश्किल हो गया है। कर्मचारियों का कहना है कि लगातार आर्थिक दबाव और मानसिक तनाव का असर अब उनके कार्य मनोबल और स्वास्थ्य सेवाओं पर भी पड़ने लगा है।
बीएमओ पिछोर ने दी स्थिति की जानकारी
मामले को लेकर पिछोर के ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर संजीव कुमार सांडे ने ब्लॉक स्तर की स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा—
“ब्लॉक स्तर से सभी CHO का सत्यापन कार्य पूरा कर दिया गया है। जिला स्तर पर एक जांच कमेटी गठित की गई है, जिन्हें आगे की प्रक्रिया पूरी करनी है। एक-दो दिन के भीतर सभी संबंधित स्वास्थ्य अधिकारियों को जिला स्तर पर बुलाकर अंतिम वेरिफिकेशन किया जाएगा। इसके बाद भुगतान की प्रक्रिया तत्काल शुरू की जाएगी। साथ ही वर्ष 2025 का नया रिकॉर्ड 31 दिसंबर तक सत्यापित कर दिया गया है, ताकि भविष्य में PBI रुकने की समस्या हमेशा के लिए समाप्त हो सके।”
प्रशासन से त्वरित कार्रवाई की मांग
जनसुनवाई में पहुंचे सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों ने कलेक्टर से मांग की है कि लंबित प्रोत्साहन राशि का शीघ्र भुगतान सुनिश्चित कराया जाए, ताकि वे आर्थिक और मानसिक दबाव से मुक्त होकर ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाएं सुचारू रूप से प्रदान कर सकें। राजू जाटव 151173825
