हरिद्वार। भूपतवाला स्थित सिद्ध बाबा अमीर गिरी धाम के ब्रह्मलीन परमाध्यक्ष स्वामी विनोद गिरी महाराज की पांचवी पुण्य तिथी पर सभी तेरह अखाड़ों के संत महापुरूषों ने उनका भावपूर्ण स्मरण करते श्रद्धासमुन अर्पित किए। आश्रम की परमाध्यक्ष महामंडलेश्वर डा.राधा गिरी माता के संयोजन में आयोजित श्रद्धांजलि समारोह की अध्यक्षता करते हुए महंत देवानंद सरस्वती महाराज ने कहा कि अपना पूरा जीवन सनातन धर्म संस्कृति के प्रचार प्रसार के लिए समर्पित करने वाले ब्रह्मलीन महंत विनोद गिरी महाराज त्याग और तपस्या की प्रतिमूर्ति थे। उनके विचार और कार्य सदैव सभी को प्रेरणा देते रहेंगे। महामंडलेश्वर डा.राधा गिरी माता ने कहा कि गुरू ही परमात्मा का दूसरा स्वरूप हैं और गुरू से बढ़कर संसार में कोई वस्तु नहीं है। उन्होंने कहा कि वे सौभाग्यशाली हैं कि उन्हें गुरू के रूप में ब्रह्मलीन महंत विनोद गिरी जैसे दिव्य संत का सानिध्य प्राप्त हुआ। गुरू के दिखाए मार्ग पर चलते हुए आश्रम की सेवा संस्कृति को आगे बढ़ाना ही उनके जीवन का उद्देश्य है। भारत माता मंदिर के महंत महामंडलेश्वर स्वामी ललितानंद गिरी महाराज व महंत साधनानंद महाराज ने कहा कि सिद्ध बाबा अमीर गिरी धाम सेवा और संस्कृति का प्रमुख केंद्र है। महामंडलेश्वर डा.राधा गिरी माता जिस प्रकार अपनी गुरू परंपरांओं का अनुसरण करते हुए सनातन संस्कृति को आगे बढ़ाने के साथ मानव कल्याण में योगदान कर रही हैं। वह सभी के लिए प्रेरणादायी है। इस अवसर पर महंत कामेश्वर पुरी, स्वामी जगदीशानंद, स्वामी अनंतानंद, स्वामी हरिवल्लभदास शास्त्री, स्वामी पारस मुनि सहित अनेक संत महापुरूष, साध्वियां व श्रद्धालुजन मौजूद रहे।
