ऐतिहासिक टेकारी क्षेत्र अपने प्रसिद्ध तिलकुट के लिए जाना जाता है। यहाँ तिलकुट का अपार भंडार है और इसकी खासियत इसकी पारंपरिक बनाने की विधि में छिपी है। टेकारी में तिल को पहले अच्छी तरह भूना जाता है, फिर छानकर पारंपरिक तरीके से कुटाई की जाती है। इसी प्रक्रिया से तैयार होता है खस्ता और मीठा तिलकुट, जिसकी मांग दूर-दराज़ तक है। मधुवन स्वीट्स में तिलकुट निर्माण के लिए पाँच से छह कुशल मजदूर दिन-रात मेहनत करते हैं। यहाँ से तिलकुट न सिर्फ स्थानीय ग्राहकों को मिलता है, बल्कि बाहर के शहरों में भी भेजा जाता है। अब यह तिलकुट ऑनलाइन ऑर्डर के माध्यम से भी उपलब्ध है। देखे टेकारी से अजय सिंह की खास रिपोर्ट

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