कठुआ (जम्मू-कश्मीर): जम्मू-कश्मीर के जिला कठुआ अंतर्गत दन्नी बाखता मंडल के बाखता ग्राम में भव्य हिंदू सम्मेलन का आयोजन किया गया। इस सम्मेलन में लगभग 600 ग्रामवासियों की सहभागिता रही। कार्यक्रम का आयोजन हिंदू सम्मेलन आयोजन समिति, बाखता द्वारा किया गया कार्यक्रम में प्रमुख रूप से महंत राजेश गिरी जी, महंत मोहन गिरी जी तथा राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के विभाग प्रचारक अनुराग जी मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित रहे महंत राजेश गिरी जी ने अपने संबोधन में कहा कि हिंदू समाज को अपने अधिकारों और अस्तित्व के लिए जागना पड़ेगा। आज चारों ओर से हिंदू समाज पर आक्रमण हो रहा है, ऐसे में संगठित होना अत्यंत आवश्यक है महंत मोहन गिरी जी ने कहा कि यदि हिंदू सुरक्षित रहेगा तभी धर्म और भारत सुरक्षित रहेंगे। मुख्य वक्ता अनुराग जी ने अपने ओजस्वी भाषण में कहा कि देश से जातिवाद जैसे विष को समाप्त करना होगा। प्रभु श्रीराम के रामराज्य में जातिवाद नहीं था। प्रभु राम क्षत्रिय कुल में जन्मे, अयोध्या के राजा थे, फिर भी उन्होंने शबरी के जूठे बेर खाए और निषादराज को गले लगाया। उन्होंने कहा कि हजारों वर्षों के मुगल और अंग्रेजी आक्रमणों ने समाज में जातिवाद का जहर फैलाया। अब समय है इसे समाप्त करने का। उन्होंने नारा दिया— “जाति-पात की करो विदाई, हम सब हिंदू भाई-भाई।” अनुराग जी ने कहा कि आज यदि सनातन है तो भारत है। हिंदू भाव जीवित रहेगा तभी मठ-मंदिर सुरक्षित रहेंगे। उन्होंने गुरु परंपरा को स्मरण करते हुए कहा कि जब-जब हिंदू धर्म पर संकट आया, तब-तब हमारे गुरुओं ने दीवार बनकर समाज की रक्षा की। उन्होंने हाल ही में बीते शहीदी सप्ताह का उल्लेख करते हुए कहा कि साहिबजादों ने धर्म परिवर्तन स्वीकार नहीं किया और अपने प्राणों का बलिदान दे दिया। उन्होंने धन-धन श्री गुरु तेगबहादुर जी महाराज के बलिदान को स्मरण करते हुए कहा कि औरंगजेब के सामने डटकर खड़े होकर उन्होंने तिलक, जनेऊ और शिखा सहित सनातन धर्म की रक्षा की। उन्होंने कहा कि हम सभी उनके कर्जदार हैं। उन्होंने आगे कहा कि श्री गुरु गोबिंद सिंह जी महाराज के साहिबजादों ने भी इस्लाम स्वीकार न कर अपना सर्वस्व न्योछावर कर दिया। उन्होंने कहा— “अगर पिता दशमेश न होते, तो यह देश न होता।” अनुराग जी ने युवाओं से आह्वान किया कि अपनी संस्कृति को अपनाएं और पश्चिमी संस्कृति के अंधानुकरण से बाहर निकलें। यह देश भगवान श्रीराम, श्रीकृष्ण, छत्रपति शिवाजी महाराज, महाराणा प्रताप और श्री गुरु गोबिंद सिंह का है, न कि अकबर, बाबर और औरंगजेब का। उन्होंने कहा कि आने वाली पीढ़ियों को एक सुंदर और सशक्त भारत देना हम सबका दायित्व है। उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ विगत 100 वर्षों से व्यक्ति निर्माण के माध्यम से राष्ट्र निर्माण की दिशा में कार्य कर रहा है और संगठन की शक्ति से समाज को सशक्त बना रहा है। कार्यक्रम में एक बहन द्वारा पंच परिवर्तन—परिवार प्रबोधन, पर्यावरण संरक्षण, सामाजिक समरसता, स्व का बोध और नागरिक कर्तव्य—पर प्रकाश डाला गया। उन्होंने कहा कि इन मूल्यों के माध्यम से समाज को सही दिशा दी जा सकती है। बताया गया कि संघ आगामी 25 वर्षों तक पंच परिवर्तन के माध्यम से समाज में जनजागरण का कार्य करेगा कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन से हुआ। इस अवसर पर शहीद परिवारों को सम्मानित किया गया तथा बच्चों द्वारा सांस्कृतिक गीत प्रस्तुत किए गए। अंत में धन्यवाद ज्ञापन के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ। उपस्थित लोगों ने लंगर प्रसाद ग्रहण किया और संतोषपूर्वक कार्यक्रम स्थल से विदा हुए। सुभाष चंदर 151036774
