अक्सर ऐसा होता है कि ऑफिस में जरूरी प्रेजेंटेशन बनाते समय या ऑनलाइन मीटिंग के बीच अचानक लैपटॉप हैंग होने लगता है, फैन तेज आवाज करने लगता है या बैटरी उम्मीद से कहीं जल्दी खत्म हो जाती है। ऐसे में हम झुंझलाकर सोचते हैं कि लैपटॉप पुराना हो गया है या उसमें कोई बड़ी खराबी आ गई है। जबकि हकीकत यह है कि इसकी जड़ हमारी रोज की छोटी-छोटी गलत आदतें होती हैं। इन आदतों के वजह से लैपटॉप की परफॉर्मेंस और बैटरी लाइफ दोनों को नुकसान पहुंचता है। अगर आप चाहते हैं कि आपका लैपटॉप कई साल तक सही चले, तो इन आदतों को समय रहते बदलना बेहद जरूरी है।
1. लैपटॉप को बैटरी पर इस्तेमाल करना
अक्सर लोग लैपटॉप को बैटरी पर चलाना पसंद करते हैं और उसे बार-बार चार्ज करते रहते हैं। लेकिन यही आदत बैटरी की लाइफ को कम कर देती है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि यदि आपके पास बिजली का स्रोत उपलब्ध है, तो उसे प्लग इन करके ही इस्तेमाल करें। लगातार बैटरी डिस्चार्ज और रिचार्ज करने से उसका चार्जिंग साइकल तेजी से खत्म होने लगती है जिससे लाइफ काफी कम हो जाती है। आधुनिक लैपटॉप प्लग इन रहने पर भी बैटरी को सुरक्षित रखने में सक्षम होते हैं।
2. सस्ते या बिना ब्रांड वाले चार्जर से बचें
कभी भी सस्ते या अनब्रांडेड चार्जर का उपयोग न करें। ये चार्जर क्वालिटी स्टैंडर्ड्स पर नहीं बने होते हैं और न ही बेहतर चार्जिंग स्पीड देते हैं। अनब्रांडेड चार्जर में अक्सर करंट के फ्लकचुएट होने की गड़बड़ी सामने आती है, जिससे लैपटॉप की बैटरी खराब हो सकती है और यहां तक कि मदरबोर्ड के जलने का भी खतरा रहता है। ऐसा हुआ तो आपका भारी-भरकम नुकसान हो सकता है।
3. बिस्तर या सोफे पर सीधे इस्तेमाल न करें
लैपटॉप को कभी भी बिस्तर या सोफे जैसी नरम सतहों पर सीधे रखकर उपयोग नहीं करना चाहिए। इससे लैपटॉप के नीचे बने वेंटिलेशन पोर्ट ब्लॉक हो जाते हैं, जिससे डिवाइस ओवरहीट होने लगता है। साथ ही, इन सतहों से भारी मात्रा में धूल कंप्यूटर के अंदर जा सकती है, जो भविष्य में हार्डवेयर को नुकसान पहुंचाती है।
4. पेड एंटीवायरस पर पैसे बर्बाद न करें
लैपटॉप के लिए आपको अलग से एंटीवायरस इंस्टॉल नहीं करना चाहिए। आज कल लैपटॉप में डिफॉल्ट मिलने वाला एंटीवायरस ही कई तरह के वायरस और मैलवेयर को हटा देता है। आपको सिर्फ समय-समय पर उसे अपडेट करते रहने की जरूरत है। विंडोज और मैक दोनों तरह के लैपटॉप में फ्री एंटीवायरस मिलता है जो डिवाइस को वायरस से सुरक्षित रखने में काफी होता है। अलग से एंटीवायरस को इंस्टॉल करने पर लैपटॉप के स्लो होने की दिक्कत सामने आने लगती है।
5. फ्री सिस्टम क्लीनअप विज्ञापनों से रहें सावधान
इंटरनेट पर फ्री सिस्टम क्लीनअप का दावा करने वाले विज्ञापनों पर कभी क्लिक न करें। ये टूल अक्सर फर्जी समस्याएं दिखाते हैं और फिर उन्हें ठीक करने के नाम पर आपसे पैसे वसूलने की कोशिश करते हैं। सिस्टम क्लीनअप के लिए लैपटॉप के अपने इन-बिल्ट टूल्स का उपयोग करना ही सबसे सुरक्षित है।