‘तू मेरी मैं तेरा, मैं तेरा तू मेरी’ एक ऐसी रोमांटिक ड्रामा फिल्म है, जो पूरी तरह पुराने और जाने-पहचाने ढांचे पर आगे बढ़ती है। फिल्म देखते समय बार-बार यही महसूस होता है कि कहानी, रिश्तों की उलझन और उनका समाधान पहले कई फिल्मों में देखा जा चुका है। यहां न कहानी में कोई ताजगी है और न ही किरदारों में वह गहराई, जो ऑडियंस को अंत तक भावनात्मक रूप से जोड़ सके।