बांग्लादेश में आम चुनाव से पहले बिगड़ी कानून-व्यवस्था की वजह से अंतरिम सरकार के विशेष सहायक खुदा बख्श चौधरी को इस्तीफा देना पड़ा है। अंतरिम सरकार के मुख्य सलाहकार मोहम्मद यूनुस के विशेष सहायक ने गुरुवार को अपना इस्तीफा सौंप दिया। डेली स्टार की रिपोर्ट के मुताबिक मामले से जुड़े अधिकारियों ने बताया कि 12 फरवरी को होने वाले राष्ट्रीय चुनाव से पहले कानून और व्यवस्था को संभालने के तरीके को लेकर मोहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाली अंतरिम सरकार की चिंताएं बढ़ गई थीं।
उम्मीदों पर खरे नहीं उतरे खुदा बख्श, देना पड़ा इस्तीफा
जुलाई में हुए विद्रोह के बाद 10 नवंबर, 2024 को खुदा बख्श ने अंतरिम सरकार में विशेष सहायक का पद संभाला था। रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से कहा गया कि खुदा बख्श चौधरी से उम्मीद थी कि वह कानून प्रवर्तन एजेंसियों, विशेष रूप से पुलिस के भीतर अनुशासन बहाल करने और मनोबल बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। सूत्रों के मुताबिक खुदा बख्श चौधरी से जो उम्मीदें लगाई गई थीं, वह उन पर खरे नहीं उतरे। एक वरिष्ठ सरकारी अधिकारी के हवाले से कहा गया कि उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन न कर पाने और मुश्किलों से निपटने में कमियों के चलते खुदा बख्श को इस्तीफा देना पड़ा। अधिकारी ने कहा कि वह पूर्व पुलिस महानिरीक्षक थे। उनसे मजबूत और निर्णायक भूमिका निभाने की उम्मीद की जा रही थी।
हादी की मौत और हिंसा भड़कने के मामले से बढ़ा दबावअंतरिम सरकार में गृह मंत्रालय की जिम्मेदारी संभाल रहे खुदा बख्श को हाल के महीनों में हुई घटनाओं की वजह से सार्वजनिक सुरक्षा को लेकर बढ़ती चिंताओं के बीच उनका इस्तीफा हुआ है। इन घटनाओं में इंकलाब मंच के प्रवक्ता शरीफ उस्मान हादी की मौत और उसके बाद भड़की हिंसा में दो अखबारों के कार्यालयों पर हुए हमले के साथ ही सांस्कृतिक संगठनों छायानाट और उदिची पर हुए हमले शामिल हैं।