दस वर्ष से एक ही स्टेशन पर कार्यरत एसएस, सेफ्टी के साथ हो रहा खिलवाड़
मंडल के परिचालन अधिकारी सीनियर एसएस को दरकिनार कर जूनियर को दे रखी है एसएस की कुर्सी
रिटायर रेल कर्मी ने डीआरएम को भेजे शिकायती पत्र में मढ़े कई आरोप
फास्ट न्यूज इंडिया यूपी प्रतापगढ़। जब सितारे बुलंदी पर हो तो गधा भी पहलवान होता है। मां बेल्हा देवी धाम प्रतापगढ़ रेलवे स्टेशन पर स्टेशन अधीक्षक की कुर्सी को लेकर जो रार मची है। उस पर यह जुमला फिट बैठ रहा है। दअसल, परिचालन के अफसरों ने स्टेशन अधीक्षक की कुर्सी पर एक ऐसा व्यक्ति को बैठा दिया है जो उसके योग्य नहीं है। जो योग्य है उसको नियम के विपरीत जाकर साइड में कर दिया गया है। इसको लेकर बवाल मचा हुआ । इसे सेफ्टी से खिलवाड़ और यात्रियों की सुरक्षा से जोड़कर देखा जा रहा है। जो रेलवे को कदापि मंजूर नहीं होना चाहिए। रिटायर रेल कर्मी एसए अंसारी ने मंडलीय रेल प्रबंधक लखनऊ को भेजे गए शिकायती पत्र में ये सारे आरोप मढ़ते हुए मामले की जांच कर दोषी जनों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। एसए अंसारी ने डीआरएम को भेजे गए शिकायती पत्र में आरोप लगाया है कि प्रतापगढ़ में सीनियर कर्मचारी को स्टेशन अधीक्षक न बनाकर परिचालन के अफसरों ने कनिष्ठ कर्मी को एसएस की कुर्सी पर बैठा दिया है। वर्तमान एसएस पिछले दस वर्षों से एक ही स्टेशन पर डटा है और पिछले तीन साल से अफसरों की मेहरबानी से एसएस की कुर्सी पर काबिज है। अफसर दबाव में काम ले रहे हैं। इनके कार्यकाल में कई बार सेफ्टी से खिलवाड़ हुआ। काशी विश्वनाथ जैसी ट्रेन के साथ घटनाएं भी हुई लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। जब कि तत्काल डीआरएम ने इनके खिलाफ कार्रवाई का पत्र भी निकाला था। रेल कर्मी ने प्रतापगढ़ के अलावा प्रयाग और रायबरेली समेत कई स्टेशनों पर इस तरह से नियमों को दरकिनार कर जूनियर को स्टेशन अधीक्षक बनाने का भी मामला उठाया है। एसए अंसारी का कहना है कि वर्तमान एसएस दबंगई करते हैं। परिचालन के अफसरों की वजह से ही एक साल पहले जूनियर को इंचार्ज बनाने को लेकर हक मांग रहे कर्मचारी के खिलाफ बड़ी घटना हुई थी। जिसमें मारपीट तक हो गई थी। परिचालन के अफसर चाहते हैं कि वही घटना फिर से दोहराई जाए। रेल कर्मी ने डीआरएम से इस मामले में हस्तक्षेप करने और रेल के नियमों के तहत कार्रवाई की मांग की है। रिपोर्ट विशाल रावत डिस्ट्रिक ब्यूरो चीफ प्रतापगढ़ 151019049
