फास्ट न्यूज़ इंडिया उत्तर प्रदेश अंबेडकरनगर। शांतिभंग के आरोप में जेल भेजे गए बंदी की रविवार शाम जिला कारागार में अचानक तबीयत बिगड़ गई। आनन-फानन जेल प्रशासन ने जिला अस्पताल में उसे भर्ती कराया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। मृतक की बहन ने पुलिस पर गुमराह करने व ऑडियो वायरल करने वाले व्यक्ति पर साजिश रचने व हत्या का आरोप लगाया है। डीएम ने घटना की जांच मजिस्ट्रेट टीम को सौंपी है।महरुआ के अतरौला निवासी 35 वर्षीय अजय कुमार का एक ऑडियो शुक्रवार को सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। इसमें बसपा सुप्रीमो व पूर्व मुख्यमंत्री मायावती के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी की गई थी। हालांकि अमर उजाला वायरल ऑडियो की पुष्टि नहीं करता है। मामला संज्ञान में आने पर पुलिस ने शनिवार को शांतिभंग में चालान कर दिया था। रविवार शाम को जिला कारागार में अजय की तबीयत बिगड़ गई। इसके बाद उसे जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां उसकी मौत हो गई।मृतक की बहन आशा के मुताबिक उनके पिता शिव कुमार भीटी तहसील में जमानत लेने गए थे। आरोप है कि जमानत प्रस्तुत करने के बावजूद एसडीएम भीटी ने जेल भेज दिया था। रविवार शाम चार बजे एक सिपाही ने फोन पर अजय का बीपी बढ़ने की सूचना दी। शाम सात बजे पिता शिवकुमार अस्पताल पहुंचे और सिपाही को फोन कर अजय के बारे में पूछा तो वार्ड में भर्ती होने की बात बताई गई। ढूंढने के बाद जब कहीं पता नहीं चला तो दोबारा सिपाही के पास फोन किया गया। इस पर पिता को पोस्टमार्टम हाउस आने के लिए कहा गया। वहां जाने पर अजय की मौत होने की खबर मिली।
आशा ने पुलिस पर गुमराह करने, ऑडियो वायरल करने वाले व्यक्ति पर साजिश रचने व हत्या का आरोप लगाया है। घटना के बाद रविवार देर शाम परिजनों ने ग्रामीणों के साथ महरुआ थाने का घेराव करने की कोशिश की, लेकिन सफल नहीं हुए। सोमवार दोपहर बाद पुलिस की मौजूदगी में शव को पोस्टमार्टम के बाद परिजन गांव लेकर पहुंचे। देर शाम मृतक के शव का अतरौरा राम बाबा के निकट पुलिस बल की निगरानी में अंतिम संस्कार करा दिया गया।
एसपी केशव कुमार ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में ब्रेन हेमरेज के कारण मौत की पुष्टि हुई है। दो सदस्यीय टीम गठित कर पूरे प्रकरण की जांच क
राई जा रही है। वहीं डीएम ने मामले की मजिस्ट्रेटी जांच के भी आदेश दिए हैं।
अंबेडकर नगर ब्यूरो चीफ सुनील दुबे
