फ़ास्ट न्यूज़ इंडिया यूपी बदायूं। 19 फरवरी से लापता महिला डांसर मुस्कान की गला घोंटकर हत्या कर दी गई और उसके शव को उझानी कोतवाली क्षेत्र के गांव रनऊ के जंगल में दफना दिया गया। उसकी हत्या अल्लापुर भोगी की प्रधान के पति ने अपने दो साथियों की मदद से की थी। रविवार को पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया और उनकी निशानदेही पर ही महिला डांसर का शव बरामद कर लिया। दोपहर बाद उसका पोस्टमार्टम कराया गया, जिसमें गला घोंटकर हत्या बताई गई। रविवार देर शाम को पुलिस ने इसका राजफाश करते हुए तीनों आरोपितों को जेल भेज दिया।
एसपी सिटी अमित किशोर श्रीवास्तव ने बताया कि 28 फरवरी को दातागंज कोतवाली क्षेत्र के गांव हासिमपुर निवासी नूर हसन अपने परिवार वालों के साथ सिविल लाइंस थाने आए थे। उन्होंने बताया था कि उनकी भांजी मुस्कान 19 फरवरी से लापता है। वह मूलरूप से हासिमपुर गांव की रहने वाली थी और वर्तमान समय में सिविल लाइंस क्षेत्र के जहानबाद गालिम पट्टी में रह रही थी। उसके यहां उझानी कोतवाली क्षेत्र के गांव अल्लापुर भोगी की महिला प्रधान का पति रिजवान आता-जाता था।
उन्हें शक है कि रिजवान ही मुस्कान को कहीं ले गया है और शायद उसकी हत्या कर दी है। इस पर पुलिस ने प्राथमिकी दर्जकर विवेचना शुरू कर दी थी। पहले विवेचना रोडवेज चौकी प्रभारी राहुल कुमार कर रहे थे। बाद में विवेचना एसआई चमन गिरि को सौंप दी गई।
उनकी जांच पड़ताल में कई तथ्य सामने आए। उनके आधार पर रविवार सुबह पुलिस ने रिजवान को गिरफ्तार कर लिया। उसके बताए अनुसार उझानी कोतवाली क्षेत्र के गांव नरऊ निवासी रामऔतार और राधेश्याम उर्फ हलवाई को गिरफ्तार कर लिया गया। जब उनसे पूछताछ की गई तो उन्होंने बताया कि महिला डांसर रिजवान की प्रेमिका थी। उससे रिजवान ने शादी कर ली थी। उसका एक बेटा भी है।
पहले वह खर्चे को 10 हजार रुपये लेती थी, लेकिन बाद में उसने 40 हजार रुपये मांगना शुरू कर दिए थे। इससे परेशाा रिजवान ने अपने दोनों साथियाें की मदद से रनऊ के जंगल में ले जाकर उसकी गला घोंटकर हत्या कर दी और वहीं एक खेत में उसका शव दफन कर दिया। दोपहर के समय इंस्पेक्टर मनोज कुमार सिंह उन्हें अपनी पुलिस टीम के साथ रनऊ ले गए और उनकी निशानदेही पर शव को बरामद कराया। उसके बाद शव का पोस्टमार्टम कराया गया, जिसमें गला घोंटकर हत्या बताई गई। इससे शाम के समय पुलिस ने तीनों आरोपितों को कोर्ट में पेश किया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया।
70-70 हजार के लालच में हत्यारोपित बने रामऔतार और राधेश्याम
मुस्कान और रिजवान के मामले में रामऔतार व राधेश्याम का कोई मतलब नहीं था, लेकिन वह लालच में आकर हत्यारोपित बन गए। जब मुस्कान रिजवान से 40 हजार रुपये मांग रही थी तो इसके बारे में सबसे पहले रिजवान ने रामऔतार को बात बताई थी और उसे 70 हजार रुपये का लालच दिया था। इसमें सहयोग के लिए राधेश्याम को भी शामिल कर लिया गया था। फिर उसे भी 70 हजार रुपये दिए थे। इससे रामऔतार और राधेश्याम भी हत्या में शामिल हो गए।
रनऊ तक स्कूटी पर ले गया था रिजवान, रास्ते में होटल पर खिलाया था खाना
19 फरवरी को रिजवान जहानाबाद गालिमपट्टी पहुंचा था और बहाने से मुस्कान को स्कूटी पर उझानी ले गया था। उसने रास्ते में एक होटल पर मुस्कान को खाना भी खिलाया था और खुद भी खाया था। इस दौरान उसने कोई शक तक नहीं होने दिया कि वह उसके साथ क्या करने वाला है। अंधेरा होने पर वह उसे रनऊ गांव ले गया। वहां पहले से रामऔतार और राधेश्याम मौजूद थे। फिर तीनों ने मिलकर मुस्कान की उसके ही दुपट्टे से गला घोंटकर हत्या कर दी और वहीं खेत में उसके शव को दबा दिया। बाद में उसके ऊपर पानी छोड़ दिया। रिपोर्ट स्टेट ब्यूरो चीफ मोहित गुप्ता 151022222
