फ़ास्ट न्यूज़ इंडिया
औरैया जिले में मैनपुरी के भोगांव निवासी दिलीप की हत्या के मामले में पकड़े गए आरोपियों को जेल भेजा जा चुका है। इसमें प्रेमिका प्रगति व प्रेमी अनुराग समेत शूटर रामजी नागर, दुर्लभ यादव व शिवम शामिल हैं। वकीलों के मुताबिक प्रगति व अनुराग पर लगाई गई बीएनएस की धारा-3 (5) बहुत ही गंभीर है।
फांसी या फिर आजीवन कारावास की सजा दोनों को सुनाई जा सकती है। दिलीप हत्याकांड में अभी तक पांच आरोपियों की गिरफ्तारी की जा चुकी है। दर्ज मुकदमे में प्रगति व अनुराग को बीएनएस की धारा-3 (5) आजीवन कारावास या फांसी के फंदे तक ले जा सकती है।
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सभी लोगों ने एक राय होकर किया है अपराध
अधिवक्ता सुरेश कुमार मिश्रा का कहना है कि यह विरलतम से विरलतम और क्रूरतम अपराध है। इस मामले में दिलीप को तड़पा-तड़पाकर मारा गया है। प्रगति ने अपने प्रेमी से मिलकर कांट्रेक्ट किलर से हत्या कराई है। बीएनएस की धारा 3 (5) यह कहती है कि सभी लोगों ने एक राय होकर अपराध किया है।
न्यूनतम सजा आजीवन कारावास है
यह नहीं देखा जाएगा कि किसने क्या किया, बल्कि सभी को समान रूप से उत्तरदायी माना जाएगा। इसमें फांसी की सजा भी हो सकती है। न्यूनतम सजा आजीवन कारावास है। अगर प्रगति के घर वाला कोई पैरवी नहीं करता तो उसे न्यायिक व्यवस्था के तहत सरकारी वकील उपलब्ध कराया जाएगा। लगाई गई धारा गंभीर है, जो भी साक्ष्य जांच में आएंगे, उन्हीं के आधार पर ट्रायल होगा।
ये था पूरा मामला
फफूंद थाना क्षेत्र के खेत में 19 मार्च को खून से लथपथ मिले हाइड्रा चालक की मौत की साजिश उसकी नई नवेली पत्नी ने ही रची थी। परिजनों की पसंद से करवाई गई शादी से खफा महिला ने शादी के 15वें दिन ही प्रेमी के साथ मिलकर भाड़े के शूटरों को सुपारी दी थी। सुपारी शादी के दौरान मुंह दिखाई में मिले रुपयों से दी गई थी।
प्रेम प्रसंग में बाधा बन रहा था पति
सुपारी के बचे हुए रुपयों का लेनदेन करने के दौरान पुलिस ने हत्यारोपी पत्नी, उसके प्रेमी व एक शूटर को धर दबोचा। पुलिस ने आरोपियों के पास से तमंचे, बाइक सहित अन्य सामान भी बरामद किया है। घटना में शामिल अन्य आरोपियों की तलाश में दबिश दी जा रही है। मैनपुरी के भोगांव थाना के नगला दीपा निवासी हाइड्रा चालक दिलीप कुमार (24) की हत्या के मामले में पुलिस सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही थी।
पुलिस ने आरोपियों को किया गिरफ्तार
इसी दौरान सुपारी के रुपयों के लेनदेन की सूचना मिलने पर शनिवार दोपहर पुलिस ने हरपुरा के पास छापा मारा। वहां से सहार थानाध्यक्ष पंकज मिश्रा व स्वाट टीम प्रभारी राजीव कुमार ने दिलीप की पत्नी प्रगति को गिरफ्तार किया। महिला के अलावा मौके से उसके गांव हजियापुर फफूंद निवासी प्रेमी अनुराग उर्फ बबलू उर्फ मनोज यादव, अछल्दा के प्रेम नगर निवासी शूटर रामजी नागर को भी गिरफ्तार कर लिया।
प्रेमी के साथ पति को रास्ते से हटाने के ठान ली थी
पुलिस की पूछताछ में प्रगति ने बताया कि प्रेम प्रसंग की जानकारी होने पर परिजन ने उसकी शादी बड़ी बहन के देवर दिलीप से करा दी थी। इस शादी से वह नाखुश थी। इसलिए उसने प्रेमी के साथ पति को रास्ते से हटाने के ठान ली थी। खुद को बचाते हुए उसने दो लाख रुपये में भाड़े के शूटर बुक किए थे। बताया कि शादी में मुंह दिखाई व अन्य रस्मों के दौरान उसे मिले एक लाख रुपये उसने शूटरों को एडवांस दिए थे।
इलाज के दौरान हो गई थी मौत
साजिश के तहत 19 मार्च को पति जब कन्नौज के उमर्दा के पास शाह नगर से हाइड्रा लेकर लौट रहे थे, तभी पलिया गांव के समीप शूटरों से उस पर हमला करवाया था। शूटरों ने पति के साथ मारपीट की। इसके बाद सिर के पिछले हिस्से में गोली मार दी। बाद में उसे गेहूं के खेत में फेंक दिया। मरणासन्न हालत में पड़ा मिलने पर पुलिस उसे अस्पताल ले गई थी। जिसके बाद 21 मार्च को इलाज के दौरान दिलीप की मौत हो गई थी।
