फ़ास्ट न्यूज़ इंडिया यूपी बदांयूँ । वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक बदायूँ डॉ0 बृजेश कुमार सिंह के निर्देशन में जनपद में अपराध एवं अपराधियों के विरुद्ध चलाये जा रहे अभियान के अन्तर्गत, अपर पुलिस अधीक्षक ग्रामीण के0के0 सरोज के निर्देशन एवं क्षेत्राधिकारी सहसवान कर्मवीर के पर्यवेक्षण तथा प्रभारी निरीक्षक जरीफनगर के नेतृत्व में अपराध की रोकथाम व वाँछित अपराधियों की गिरफ्तारी हेतु चलाये जा रहे अभियान के दौरान दिनांक 03 मार्च 2025 को थाना जरीफनगर पर पंजीकृत मु0अ0स0 042/2025 धारा 103(1)/126(2) बीएनएस बनाम 1.सतीश पुत्र छोटेलाल निवासी ग्राम बस्तुईया थाना जरीफनगर जनपद बदांयूँ तथा दो व्यक्ति अज्ञात द्वारा वादी मुकदमा के पुत्र कैलाश उम्र करीब 25 वर्ष की तमंचे से गोली मारकर हत्या कर देने के सम्बन्ध में पंजीकृत होकर विवेचना प्रभारी निरीक्षक जरीफनगर द्वारा सम्पादित की जा रही है। काफी प्रयास के बाद भी वांछित अभियुक्त सतीश नही मिल पा रहा था सतीश की गिरफ्तारी हेतु वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक द्वारा अभियुक्त सतीश उपरोक्त की गिरफ्तारी हेतु 15000 रूपये का पुरस्कार घोषित किया गया था । दिनांक 30 मार्च 2025 को सूचना मिली की वांछित/पुरस्कार घोषित सतीश उपरोक्त आज किसी से रूपये लेने आया है तथा कहीं जाने की फिराक में सवारी के इंतजार में मुस्लिम होटल के पास बागवाला में दहगवा जाने वाले रास्ते के पास खडा है तब थाना पुलिस द्वारा सूचना पर अभियुक्त सतीश उपरोक्त को मुस्लिम होटल के पास बागवाला में दहगवा जाने वाले रास्ते पर पकड कर नियमानुसार गिरफ्तार किया गया तथा गिरफ्तार अभियुक्त सतीश उपरोक्त की निशादेही पर घटना में प्रयुक्त एक अदद तमंचा 315 बोर को बरामद गिया गया गिरफ्तार अभियुक्त सतीश उपरोक्त को समय से माननीय न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया जायेगा।
अभियुक्त सतीश उपरोक्त से हत्या के कारण के बारे में पूछताछ की गई तो अभियुक्त सतीश बताया कि मेरी बहने मीना व चन्द्रवती की शादी गांव मीरमपुर थाना गुन्नौर जिला सम्भल में हुई है रिस्तेदारी होने के नाते मेरा वहां पर आना जाना लगा रहता था। ग्राम गंगावास में मेरे बहनोई महीपाल की लड़की नीतू का विवाह कैलाश पुत्र कोमिल सिंह के साथ हुआ था । कैलाश रिश्ते में मेरा भानजा दामाद लगता था । जब मै गाजियाबाद में मजदूरी करता था तो गाजियाबाद की रहने वाली तरन्नुम नाम की लडकी से मेरा प्रेम प्रसंग था । मैं तरन्नुम को गाजियाबाद से भगाकर मीरमपुर ले आया था और अपने बहनोई महीपाल के घर पर रहनें लगा था । तरन्नुम के पिता वकील अब्बासी ने गाजियाबाद के वेव सिटी थाने में मेरे खिलाफ अपहरण का मुकदमा एफआईआर सं0 276/24 धारा 137(2) BNS लिखा दिया था । पुलिस ने मीरमपुर में दबिश दी थी तो मैं और तरन्नुम वहां से भाग लिये थे, लेकिन पुलिस कैलाश को पकड़ कर ले गयी थी । मेरे बहनोई नें मुझ पर दबाव बनाया तो मैंने तरन्नुम को उनके साथ थानें भेज दिया था तब पुलिस नें कैलाश को छोड़ दिया था और तरन्नुम के पुलिस नें बयान कराये थे , तरन्नुम नें बयान मेरे पक्ष में दिये थे, जिससे मैं बच गया था और तरन्नुम अपनें पिता के साथ चली गयी थी । बाद में जब मैं अपनें बहनोई के घर ग्राम मीरमपुर गया था तो कैलाश ने मुझे गाली गलौज करते हुए काफी बेईज्जत किया था और मारपीट भी की थी । कैलाश ने मेरी बहन की ससुराल व अपने गाँव मे भी मेरी काफी बेईज्जती की थी। कैलाश की वजह से ही मेरी प्रेमिका तरन्नुम मुझसे बिछड़ गयी थी । मैंने इसी का बदला लेने के लिये कैलाश को मारनें की ठान ली थी और दिल्ली में यमुना किनारे एक चलते फिरते आदमी से जिसे मैं नही जानता एक तमंचा 315 बोर का व कारतूस खरीदा था । दिनांक 03 मार्च 2025को कैलाश मेरे गाँव बस्तुईया में अपनी बहन का रिश्ता तय करने आया हुआ था , मैं भी गांव में पहले से ही आया हुआ था । उस दिन मैंने शराब पी रखी थी और तमन्चा कारतूस मेरे पास था । जब शाम को 6.00 बजे के लगभग कैलाश गांव के अन्दर मोटर साईकिल से अपनें दो साथियों के साथ गांव के बीच में था तो मैंने स्कूटी से उसके सामनें से आकर रास्ते में कैलाश को रोक लिया था । आमनें सामनें होनें पर आपस में कहासुनी हो गयी । मैंने तुरन्त तमंचे से कैलाश के सीनें में गोली मार दी और अपनी स्कूटी वहीं पर छोड़कर पैदल ही खेतो की तरफ भाग गया और पकड़े जाने के डर से अब तक मैं इधर-उधर छिपता फिर रहा था । मेरे पास खर्चे के लिये रूपये भी खत्म हो गये थे आज मैं अपने एक मिलने वाले से रूपये लेने आया था और मुस्लिम ढ़ाबे के पास बागवाला – दहगवां तिराहे पर खडा होकर सवारी का इन्तजार कर रहा था कि आप लोगो ने मुझे पकड़ लिया और तमंचे के बारे में पूछा गया तो उसनें बताया कि साहब मैंने भागते समय उस तमन्चे को रास्ते में एक खेत में फेंक दिया था जिसको अभियुक्त सतीश की निशादेही पर बरामद किया गया। रिपोर्ट - रिपोर्टिंग इंचार्ज शिव ओम 151082090
